प्रश्नोत्तर P24-0140 · भाग 24
गुरु जी, आत्मचिंतन कैसे किया जाता है?
आप कहीं भी एकांत में बैठ जाइए — कि कैसे मैं अपने आप को निकाल लूं? कैसे उस परम स्थिति को उपलब्ध हो जाऊं? राग, द्वेष, मोह, इच्छा, अपेक्षा, मेरा और कर्ता के भाव से मैं कैसे अपने आप को निकाल लूं? यह निकलने का भाव बनाना ही आत्मचिंतन है — मतलब मैं अपनी आत्मा को इस दलदल से कैसे छुड़ा लूं।
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