अपनी स्थिति बताएं
अपने मन की बात, अपनी परेशानी अपने शब्दों में लिखें या बोलें — हिंदी, पंजाबी या अंग्रेज़ी में — और गुरु जी के वे उत्तर पढ़ें जो आपकी स्थिति से मिलते हैं।
यहाँ कोई नया या बनाया हुआ उत्तर नहीं है — ये सब गुरु जी के अपने उत्तर हैं, जो उन्होंने सत्संग में जिज्ञासुओं के प्रश्नों पर दिए।