आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

क्रोध — 46 प्रश्नोत्तर

वे प्रश्नोत्तर जिनके प्रश्न या उत्तर में “क्रोध” शब्द आता है — नए पहले।

मन353 उत्तरध्यान331 उत्तरगुरु2,248 उत्तरकर्म580 उत्तरअहंकार84 उत्तरमृत्यु43 उत्तरपरिवार239 उत्तरसेवा321 उत्तरडर138 उत्तरक्रोध46 उत्तर

P23-0138

गुरु जी, जब माता-पिता के भीतर संतान के लिए प्रेम न होकर केवल धन का लालच और क्रोध रह जाए, तो अपनी मानसिक शांति के लिए उनसे दूरी बनाना सही है या गलत?

P23-0103

गुरु जी, एक भाषा में कहा जाए तो मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, काम, क्रोध, लोभ — ये सब शरीर में हैं? कुछ लोग अंतःकरण चतुष्टय बताते हैं — मन, बुद्धि, चित्त और आखिर में अहंकार — कि अहंकार नष्ट किए बिना सर्वेश्वर तक नहीं पहुंचोगे।

P23-0063

गुरु जी, विकारों से बचें कैसे? जैसे किसी का ड्रिंक करने का मन हो रहा है, स्मोक करने का मन हो रहा है — यह एक विकार है, अब वह उसके दिमाग में आया तो उससे वह कैसे बचेगा? इसके लिए तो सेल्फ कॉन्फिडेंस, विल पावर होना जरूरी है?

P22-0192

गुरु जी, आप कहते हैं आत्मज्ञानी में काम-क्रोध होता है — क्रोध का अर्थ तो समझ में आया, पर काम का अर्थ समझ में नहीं आया।

P22-0023

गुरु जी, मेरे घर में सभी लोगों की भाषा कटु वचन वाली है, जिसके कारण अशांति और क्रोध रहता है — मुझे क्या करना चाहिए?

P19-0140

गुरु जी, क्या आत्मज्ञानी पुरुष को क्रोध आता है? और क्या ज्ञानी अपने क्रोध को जांचता रहता है कि वह लिमिट से बाहर ना जाए?

P19-0132

गुरु जी, आपके गुरु कौन हैं? आपको दीक्षा कैसे मिली, और उन्होंने आपको सद्गुरु ढूंढने क्यों भेजा?

P18-0007

गुरु जी, आपका संक्षिप्त परिचय दीजिए — आपकी यात्रा कहां से और कैसे शुरू हुई?

P17-0161

गुरु जी, क्रोध और ईर्ष्या पर संयम कैसे प्राप्त करें?

P17-0124

गुरु जी, कई संत जानबूझकर अपने आप को ऐसी स्थिति में डालते हैं कि लोग उन पर क्रोध करें, ताकि देखें कि उनका अपना व्यवहार क्या रहता है — क्या ऐसा होता है?

P17-0109

गुरु जी, पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश — ये पांच स्थूल तत्व, और मन, बुद्धि, अहंकार — कोई कहता है ये आठों निकृष्ट हैं। क्या भगवान ने निकृष्ट चीजें बनाईं?

P17-0061

गुरुदेव, मुझे क्रोध बहुत आता है — लगता है खून कर दूं। समाज में कोई गलत होता है तो मुझे मारने का मन करता है। क्रोध से बाहर कैसे निकलें, क्रोध को कैसे समझें?

P15-0164

काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ की व्याख्या क्या है?

P15-0155

क्रोध को कैसे शांत करें, गुरु जी?

P15-0137

गुरु जी, काम, क्रोध, मोह, लोभ — ये सब आत्मज्ञान के बाद खत्म होते हैं या फिर ब्रह्मज्ञान के बाद?

P15-0116

गुरुदेव, देखा गया है कि बालक में भी, जिसको अभी उतना बोध नहीं है, क्रोध-लालच दिखते हैं; पशुओं में भी। कई बालक बांटने को तैयार होते हैं, कई नहीं होते। यह कहां से आता है?

P15-0085

जब कोई उम्र में मुझसे छोटा मुझे ज्ञान देता है या तर्क-वितर्क करता है, तो मुझे अंदर से बहुत गुस्सा आता है — कैसे कंट्रोल करें?

P14-0025

गुरु जी, आपने बताया था कि आत्मज्ञान के बाद क्रोध और काम रहता है, और आत्मज्ञान से ब्रह्म की यात्रा होती है। क्या यात्रा पूरी होने के बाद ये काम-क्रोध भी चला जाता है, या रहता है?

P13-0184

गुरु जी, ऑफिस में सबको अपना-अपना काम दिया जाता है और हमें दिखता है कि कौन अपना काम नहीं कर रहा। अंदर से मानसिक क्रोध आता है, पर कॉर्पोरेट कल्चर में दिखा नहीं सकते। उस स्थिति में हम उस व्यक्ति के साथ प्रेम से कैसे रहें? और शिकायत करें तो इंक्वायरी में भी बहुत पक्षपात होता है।

P13-0183

गुरु जी, "कुछ नहीं चाहिए" की स्थिति में अगर हम किसी व्यक्ति पर क्रोध करते हैं, तो क्या वो भी प्रेम कहा जाता है?

P13-0179

गुरु जी, क्या मात्र अंतर्मुख होकर अपने विचारों को देखने से आसक्ति, द्वेष, काम, क्रोध, अहंकार समाप्त हो सकते हैं, या साथ में ईमानदारी-सत्कर्म भी हो?

P13-0039

गुरु जी, पहले नाम जप करते थे, सिमरन-वाणी पढ़ते थे, तो अहंकार आ जाता था; काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार उसके अंदर ही चलते थे। लेकिन आपके ज्ञान को अपनाते हैं तो इनका बल क्षीण होने लगता है — यह मैंने महसूस किया; स्वभाव बदलने की कोई कोशिश भी नहीं करनी पड़ती।

P11-0114

काम और क्रोध का आपस में क्या संबंध है?

P11-0090

जिनको आत्मज्ञान हो चुका है, क्या उन्हें भी क्रोध आता है?

P11-0042

क्या क्रोध में प्रतिक्रिया देना जरूरी है या नहीं?

P10-0076

गुरु जी, क्या आप जैसे मुक्त पुरुषों को भी काम, क्रोध, लोभ सताते हैं?

P8-0082

मैं अपने आप पर काम कर रही हूं। आपका वीडियो देखकर जीवन में परिवर्तन आया है, लेकिन क्रोध एकदम से नहीं गया। गलत जगह ज्यादा बोल देती हूं, फिर पता चलता है, दिमाग शांत हो जाता है। क्या करें?

P7-0162

संयम का मतलब क्या है? लोग कहते हैं संयम रखो। क्या यह शरीर से संबंधित है, या धैर्य है? संयम मानसिक है, या शरीर और मन दोनों से? एक बार अहंकार आहत हो जाए, तो हम जैसे लोग पीछे हट जाते हैं। उस वक्त संयम कैसे रखें?

P7-0152

अहम भाव को पूरी तरह कैसे खत्म करें? आपने कहा था कि दूसरों से अपने हिसाब से काम लेने की उम्मीद छोड़ दो, उससे आधी समस्या हल हुई। पूरी तरह अहम कैसे मिटे? काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह में काम किसे कहते हैं, कामना को या वासना को? मोह और लोभ किस स्थिति में होते हैं? इन्हीं दो पर सबसे ज्यादा संदेह रहता है।

P7-0146

दूसरा संदेह यह है कि आपने मिस्त्री को डांटा। डांटने से मेरे अंदर संदेह पैदा हो गया कि गुरु ऐसे डांटते हैं। वह अच्छा नहीं लगा। गुरु को ऐसा क्रोध क्यों करना पड़ता है?

P7-0140

चेतन और जड़ एक ही हैं, या अलग अलग हैं? जड़ में भी चेतनता है क्या? और जड़ के टुकड़े होते हैं क्या?

P7-0115

जब मैं अपनी स्थिति में कार्य को सही तरीके से कर रहा हूँ, और वहाँ कोई मुझे रोकता है, तो मुझे क्रोध आ जाता है, बहस हो जाती है। मैं अपनी स्थिति को कैसे बनाए रखूँ?

P6-0149

कुछ नहीं चाहिए, तो कुछ नहीं चाहिए में कैसे जिएँ? हम किसमें उलझे हैं? बचपन से लगता है सब मैं कर रही हूँ, पर अब सत्संग सुनकर लग रहा है कि इंद्रियाँ निमित्त हैं और करने वाला मैं हूँ। इस गड़बड़ी से कैसे निकलें?

P6-0105

नागपुर से आई मां कहती हैं, धन, गहना और बेटा-बेटी से लगाव छूट गया लगता है। पति की जंजीर थी, उसे छोड़कर आई हूं। मौन मिल गया, काम भी छोड़ दिया। परिवार वापस बुलाता है। इक्कीस दिन का टारगेट है। क्या मैं मुक्त हो गई? जाऊं या यहीं रहूं? आखिरी इच्छा और बेड़ी का क्या संबंध है? गुरु क्यों चाहिए?

P6-0080

अनुकूल परिस्थितियों के बाद जब विपरीत परिस्थितियां आएं, तो साधक को क्या करना चाहिए? परीक्षा कब और कैसे होती है? भवसागर से निकलने का भाव बना लेने के बाद प्रकृति क्या करती है?

P6-0011

पूर्ण गुरु भी भटक जाते हैं क्या?

P5-0121

परिवार/लोग विवश-परेशान करें तो क्या? बंधन कैसे बनता है? उकसाने पर क्रोध क्यों?

P5-0098

मलिन विचार आते हैं, साधना-पूजा में तकलीफ — क्या करें? डर का सामना, क्रोध निवारण, प्रेम कैसे आए?

P5-0032

आत्मज्ञान हुआ तो क्या ऐसी चीजें बता सकते हैं जिससे पता चले कि हो गया? प्रश्न फिर खड़े होते हैं क्या?

P5-0030

हमें कैसे पता लगेगा कि हमें आत्मज्ञान हो गया है?

P4-0102

(लाइव) प्रणाम गुरु जी। अगर कोई लगातार गलत करता रहे तो बहुत बार न चाहते हुए भी क्रोध आ ही जाता है। उस क्रोध से कैसे मुक्ति पाई जाए?

P3-0152

गुरु जी, दो-तीन महीने साधना से लग रहा है कि मैं काम-क्रोध से दूर जा रहा हूं; अकेले में लगता है मैं कंट्रोल कर सकता हूं, लेकिन जैसे ही उस परिस्थिति के बीच आते हैं, कंट्रोल नहीं रहता, हम उसके वश में चले जाते हैं — अपने आप कुछ घटित हो जाता है। उस समय क्या करें? मन (माइंड) को कैसे कंट्रोल करें, और काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह से कैसे छूटें?

P3-0123

प्याज-लहसुन के बारे में क्या है? (दो-तीन वीडियो में आपको इसके बारे में बोलते सुना पर मिला नहीं।) जैन लोग और कई परंपराएं इसे तामसिक या राक्षसों का मल कहकर नहीं खातीं — क्या इसे खाना चाहिए?

P3-0091

(उसी साधिका का प्रश्न) परम सत्ता तक कब पहुंचेंगे — मंजिल कितनी दूर है?

P1-0126

गुरुदेव, मैं काम, क्रोध, मद, लोभ — इन चारों में फंसा हूं। निकलने का प्रयास कर रहा हूं, लेकिन निकल नहीं पा रहा।

P1-0032

गुरु जी, आज तो आप दुर्वासा ऋषि हो गए (बहुत क्रोध में बोले)।