आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0011 · भाग 25

गुरु जी, 'लोग क्या कहेंगे' — यह डर कैसे दूर करूं?

यह डर है कि लोग क्या कहेंगे, इसका मतलब जिन लोगों के बीच में आप रह रहे हो, कहीं ना कहीं उनसे कमजोर हो और उनसे इज्जत-बेइज्जत की उम्मीद रखे हो। तो कम से कम अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए काम करो — चाहे धन से कमजोर हो, तन से कमजोर हो, समझ से कमजोर हो। कमजोर व्यक्ति ही सोचता है कि समाज क्या कहेगा, और मजबूत व्यक्ति काम कर लेता है। ज्यादातर यह मिडिल क्लास वाले सोचते हैं — इज्जत, मान, प्रतिष्ठा। नीचे वाला झोपड़ी में मस्त है, उसके लिए जीना मायने है, उसे कल की चिंता नहीं; हाई क्लास वाले को किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना। मिडिल क्लास हमेशा इज्जत के चक्कर में इसलिए पड़ा रहता है कि वो हमेशा हाथ फैलाए रखता है कि मेरे समय में ये काम आएंगे — व्यवहार बिगड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि आगे मांगना है। यह डर कब तक रहेगा? जब तक आप किसी से अपेक्षा रखे हो। तो मैं आपसे यही कहूंगा कि आप अपने आप को सामर्थ्यवान बनाएं — बात खत्म।

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