आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0067 · भाग 25

गुरुदेव, हमारा सोने-जागने का कोई नियम नहीं है। जब सोते हैं तो पूरी तरह सोते हैं, और जब कार्य, साधना या सत्कर्म में लगते हैं तो वहां भी पूरी तरह लगते हैं। क्या यह गलत है?

गलत-सही नहीं है। आप देखें कि ज्यादा से ज्यादा समय अपने आत्मिक चिंतन और सत्कर्म में अपने आप को लगाओ। सोने-उठने का समय कुछ नहीं होता। जरूरत है तो जागो, जरूरत नहीं है तो सो जाओ।

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