प्रश्नोत्तर P25-0073 · भाग 25
गुरु जी, भाग्य और प्रारब्ध में क्या अंतर है?
आपके किए गए कर्मों का जब परिणाम आता है, तो उसे प्रारब्ध कहिए, चाहे भाग्य कहिए, चाहे किस्मत कहिए।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: 33 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-27