प्रश्नोत्तर P25-0089 · भाग 25
गुरु जी, कब तक हम लूटे जाएंगे?
जब तक फ्री में पाने की इच्छा है, तब तक लूटे जाओगे — दुनिया की कोई ताकत बचा नहीं सकती। और जब फ्री में पाने की इच्छा का त्याग कर दोगे, तो दुनिया की कोई ताकत तुम्हें लूट नहीं सकती। फ्री में पाने का मतलब है कि मैं कुछ पाने की इच्छा रखता हूं पर उसके बदले कुछ कर नहीं रहा हूं। जैसे यहां पे कोई भोजन-व्यवस्था ले रहा है तो उसके बदले साधना दे रहा है — तो फ्री में होकर भी फ्री में नहीं है। अगर आत्मिक चिंतन ना करो, तो फिर हम आपको भगा देंगे।
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