आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

सत्संग PV04-0032 · भाग 4

क्या ये भी सत्कर्म है — पैसे का सदुपयोग अपने हाथों से, जो दिखे

23 मई 2026 · क्या ये भी सत्कर्म है ?

चैनल: आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान सेवा

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मुख्य बातें

उचित सलाह

मैं किसी को उचित सलाह देता हूं। आप यहां खर्च कर देंगे, कोई मतलब नहीं निकलेगा। मैं आपको कह रहा हूं कि वहीं आसपास आप जल प्याऊ बना दो, कुछ ऐसा कर दो महाराज के नाम से कि दिखना चाहिए। हो सके तो आप अपनी तरफ से कुछ और लगा दो, और वो दिखना चाहिए।

जरूरत में कुछ करिए, वो दिखना चाहिए। ऐसा नहीं कि कंबल बांट देना — वो दिखेगा नहीं। कुछ ऐसा बना देना, और सफेद पत्थर में महाराज का नाम लिखवा देना, कि इनके द्वारा निर्माण किया गया। निमित्त आप बने, ये भी लिखवा देना।

अहंकार कब आता है

अहंकार तब आता जब आप खुद नहीं करते और कोई और करता — आप वो पैसा रख लेते और किसी से दान लेके करवा देते, अपना नाम लिखाते, तो वो अहंकार आता। अगर उस पैसे से आप करोगे, तो अहंकार आ ही नहीं सकता। और सफेद पत्थर में बढ़िया से लिखवा देना महाराज का नाम और अपना नाम। आपको जो कलंक मिला है, वो निकल जाएगा।

जमा नहीं, सदुपयोग

आपको पैसा दिया, तो आप कहीं जमा क्यों करोगे? उसका सदुपयोग कर दो ना। ठंडे पानी के प्याऊ लगवा दो — सबसे बढ़िया। कई जगह पानी लगवा दो, और वाइट पत्थर तो लिखवा दो।

ना सही का स्टैंप, ना गलत का

इसमें गलती-सही ये नहीं है। बस निकालते रहो। इसमें ना आप सही निकाल सकते हो, ना गलत निकाल सकते हो — दोनों निकलेगा ही। इसे कोई सही का स्टैंप मार सकता है, ना गलत का।

आप उधर से आ रहे हो, हम इधर से आ रहे हैं। तो आप भी अपनी जगह सही हो, हम भी सही हैं। यहां कोई गलत है ही नहीं, बस भ्रम है।