प्रश्नोत्तर P25-0025 · भाग 25
गुरु जी, आपके कहने का मतलब है कि हम कभी भगवान के पीछे गए ही नहीं?
कहां गए? कहीं नहीं गए। यहां कोई किसी के पीछे आज तक गया ही नहीं — बस कामनाएं ले गईं। तुम एकदम स्थिर हो; तुम्हारा ना कहीं आना हुआ, ना कहीं जाना। इसीलिए तो कहा गया — ना जन्म, ना मृत्यु। इसे आप समझोगे ना, तो बस हंसी के अलावा कुछ नहीं आएगा कि जिंदगी भर मैं दौड़ा और मैं कहीं गया ही नहीं। अगर आप इसे समझ पाओगे तो आपको हंसी आएगी कि मैं जीवन भर दौड़ रहा हूं — कभी काम पे, कभी इधर, कभी उधर, कभी मारा-पीटी, सब मैंने किया — लेकिन आप देख पाओ तो मैंने कभी कुछ किया ही नहीं। अपने लिए थोड़ी कुछ भी करा? वो तो कामनाओं में जाके हो गया। हर व्यक्ति यहां कामनाओं में घूम रहा है। कोई कहीं ना जा रहा है — किसी का ना जाना हो रहा है, ना आना हो रहा है, ना जन्म, ना मृत्यु। जरा इस बात पे ध्यान देना।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16