प्रश्नोत्तर P25-0028 · भाग 25
गुरु जी, क्या एक महापुरुष को गाली देना सही जगह है? मुझे तो लगता है कि उससे उसका और पतन होगा।
उसके पास वही है तो वो क्या करे, उस बेचारे का क्या दोष है? उसका पालन-पोषण ही ऐसी जगह हुआ है, उसमें प्रवृत्ति ही ऐसी जागृत हो गई है — उसका भी दोष नहीं है। अगर उसने महापुरुष को, आत्मज्ञानी को गाली दी और उसके अंदर से कोई प्रतिक्रिया उसके लिए निकली, तो वह उसका आत्म-कल्याण ही करेगी, और कुछ भी नहीं — उसका हित ही होगा। भूल से ही सही, वो सही जगह पहुंचा; गलती से ही सही, सही आदमी को उसने डांटा, सही आदमी को गाली दी। क्योंकि आप जब कुछ दोगे तो आपको भी तो उसके बदले कुछ मिलेगा। उसके पतन में भी उसका कल्याण होगा। मैं भी यही कहता हूं — तुम कैसे भी मिलो, मिलते रहो बस। चाहे आप गाली से मिलो, मैं आपसे ज्ञान से मिलूंगा। गाली तो आपने धारण की है, ज्ञान तो ऊपर से आ रहा है — यह कभी खत्म नहीं होगा; गाली तो आपकी एक ना एक दिन खत्म हो जाएगी। बस मिलते रहना, भागना मत। एक बार गाली दी तो देते रहना, तब तक देना जब तक खत्म ना हो जाए।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16