प्रश्नोत्तर P25-0039 · भाग 25
गुरु जी, पूर्ण और अपूर्ण में क्या अंतर है? इससे कैसे बचा जा सकता है?
पूर्ण अपने आप को अपूर्ण से पूर्ण करना चाहता है — यही उसकी अपूर्णता है। बस उम्मीद छोड़ दो — पूर्ण ही हो, पहले से पूर्ण हो। पूर्ण अपूर्ण से अपने को पूर्ण करना चाहता है, यही उसकी अपूर्णता है; बस ये छूट जाए। यही तो नहीं छूट पा रहा है — उम्मीद। उम्मीद ये आखिरी शब्द है; बस, खत्म।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16