आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0046 · भाग 25

गुरु जी, मैं अब जीना नहीं चाहता हूं। क्या प्राण त्याग दूं?

जीना नहीं चाहते हो तो अपना जीवन समाज सेवा में लगा दो। कहीं ऐसी जगह लग जाओ जहां बस सेवा करो — समझ लो तुम मर गए। इस शरीर को सेवा में लगा दो। किसी की सेवा करो, जरूरतमंदों की। लग जाओ कहीं।

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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16