प्रश्नोत्तर P25-0057 · भाग 25
स्वामी जी, क्या मुक्ति ईमानदारी से ही होती है? तो क्या ईमानदारी से बंधन नहीं होगा?
ईमानदारी में आप होते हो; ईमानदारी करनी नहीं पड़ती, वह आपके कर्म में होती है। बेईमानी आप करते हो; ईमानदारी स्वाभाविक है। अगर ईमानदारी करनी पड़ती तो वो भी बंधन होता। बेईमानी आपको करनी पड़ती है। तो जब आपको ईमानदारी करनी ही नहीं होती, तो बंधन कैसे? वह स्वाभाविक घटित हो रहा है।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16