प्रश्नोत्तर P25-0060 · भाग 25
गुरु जी, अगर पिछले जन्मों से यह जीवन ऐसा है, तो सबसे पहले जो इंसान आया उसका तो कोई पिछला कर्म था ही नहीं — फिर उसको क्यों भोगना पड़ा या जन्म लेना पड़ा?
मनुष्य खुद आया ना, और खुद फंसाया ना अपने आप को कामनाओं में। बताओ, हम अगले जन्म से परेशान हैं कि इसी जन्म की पीड़ा झेल रहे हैं? ध्यान में जाते हो तो राग-द्वेष कहां-कहां जाता है? इसी जन्म का सब है ना। तो अपने आप को किसने फंसाया? आप ही ना? पिछले जन्म की कोई बात याद है? नहीं ना? इसी जन्म के लिए रो रहे हो ना? आपका जीवन अशांत किस लिए है? इसी जन्म का ना। आज आप अगर परेशान हो, अशांत हो, तो जो समझ के किए उसी के लिए ना। आपने समझ के ही किया ना। क्यों किया? मत किए होते, आपका जीवन प्रसन्नता भरा होता।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16