प्रश्नोत्तर P25-0061 · भाग 25
गुरु जी, जो कर्म हम करते हैं उसका उसी समय भी तो प्रभाव होता है? जैसे मैं झूठ बोल रहा हूं तो उस समय भी अंदर जो ग्लानि है, दुख है, उसे भोग ही रहा हूं।
उस टाइम कहां भोग रहे हो? भोगते तो बाद में हो। उस टाइम तो उपयोग कर रहे हो, जो झूठ बोल के पाए हो। झूठ किसके लिए बोले? वस्तुओं के लिए ना। ग्लानि उस समय होती तो करते ही नहीं। अंतरात्मा मना करती है — वह केवल इंडिकेशन है कि मत कर, गलत है। ग्लानि तो बाद में होती है, जब आपको दंड मिलता है। अफसोस, ग्लानि, पश्चाताप बाद में होता है — जब हम अपने आप को खुद पकड़ते हैं, क्योंकि हम जहां जाना चाहते हैं अब यही बाधक बन रहा है; या कोई और पकड़ लेता है। कुछ घटनाओं का रिजल्ट हमें तुरंत मिलता है, कुछ का बाद में मिलता है। कोई मजबूत को धक्का दे तो तुरंत रिजल्ट मिलेगा; कमजोर को धक्का दिया तो प्रकृति बाद में देगी।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16