आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0064 · भाग 25

गुरु जी, मैं ईमानदारी से काम करके कमा रहा हूं, बेईमानी नहीं कर रहा। पर वासना तो फिर भी रह सकती है — जैसे आज 500 कमाए, तो इच्छा है कि 1000 कमाऊं। क्या यह वासना है?

तो 1000 वाली मेहनत करो। यह वासना नहीं है, यह आपकी जरूरत है। वासना वो है कि आपकी योग्यता से ज्यादा चाहिए, जितना आपने काम किया उससे ज्यादा चाहिए। जितना काम किया उसका तो हक बनता है। आपको 500 ज्यादा कमाना है तो 500 का और काम करो, बस। देखना यह है कि 500 ज्यादा कमाने का भाव कहां से पैदा हुआ — जरूरत में हुआ कि मान के चक्कर में हुआ? बगल वाले को देख के आपको गाड़ी चाहिए और नहीं खरीद पा रहे हो, तब अशांति बनी रहेगी। मान के चक्कर में हुआ तब तो गिरना पक्का है — मिल गया तो भी अहम भाव खड़ा हो जाएगा, नहीं मिला तो भी शर्माओगे। और अगर जरूरत में पैदा हुआ है तो उसके लिए मेहनत करोगे, और शांति रहेगी, क्योंकि मेहनत से कमाए।

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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16