प्रश्नोत्तर P25-0063 · भाग 25
गुरु जी, यह सिर्फ बौद्धिक बात तो नहीं है? आप सभी को बोलते हो कि उम्मीदों से, वासनाओं से अपने आप को मुक्त करा लो।
मूल मैं अपनी तरफ से यही बोलता हूं — ईमानदारी अपना के सत्कर्म करो। कोई व्यक्ति कह रहा है कि अभी मुझे आत्मज्ञान चाहिए, तो मैंने कहा ठीक है, उम्मीद से मुक्त करा लो, अभी आत्मज्ञान हो जाएगा। प्रश्न के ऊपर उत्तर है। लेकिन अगर मेरी तरफ से कुछ कहना है तो मैं आप लोगों को यही कहूंगा — ईमानदारी से जियो और सत्कर्म करो। बस सीधी-सीधी बात है। आपने जैसे प्रश्न रखा, वैसे हमने आपके सामने उत्तर रख दिया। आखिरी में तो आपको यहीं पे आना पड़ेगा — एक-एक उम्मीद को छुड़ाओ, आखिरी में उम्मीद ही फाइनल छूटेगी, तभी ज्ञान होगा।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16