प्रश्नोत्तर P25-0083 · भाग 25
गुरु जी, आप अपना स्वास्थ्य कैसे ठीक रखते हैं? क्या आपको चिंता नहीं होती?
मुझे ना स्वास्थ्य को ले के कभी चिंता हुई, ना कभी भय हुआ। मैंने कभी कल में नहीं जिया; मैं आज में जीता हूं, और अभी से नहीं, बचपन से। मैंने कभी संचय किया ही नहीं। अपनों की कुटिया के अलावा मैंने कभी कुछ बनाना नहीं चाहा, कभी कुछ लेना नहीं चाहा, तो मुझे कभी फिक्र, चिंता, डर सताया ही नहीं, क्योंकि मुझे काम करना था। मुझे काम से बहुत प्रेम था; समाज के लिए मैं कुछ करना चाह रहा था। कल क्या हो जाएगा — हो जाएगा तो देख लेंगे, पहले से क्यों इंतजाम करें? मेरी मां कहती थीं कि कुछ संचित करो, शादी कर लो, बुढ़ापे में तुम्हें पानी कौन देगा। तो मैं मां को एक ही बात कहता था कि माई, मैं ऐसा कर्म करूंगा कि पानी देने वालों की लाइन लगी रहेगी, लोग देने के लिए तरसेंगे। जब मेरा कर्म ऐसा है तो मैं डरूं क्यों?
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वीडियो: 33 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-27