प्रश्नोत्तर P25-0084 · भाग 25
गुरु जी, जब से इस मार्ग पे बढ़े हैं, अकेलापन और बढ़ गया है। सबकी समझ अलग है, कोई मुझे गहराई से समझ नहीं पा रहा। लगता है वे साथ होकर भी मेरे साथ नहीं हैं।
कोई बात नहीं, आप तो अपने साथ हो ना। छोड़ो।
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वीडियो: 33 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-27