आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0093 · भाग 25

गुरुदेव, आत्मिक चिंतन में आज समझ आया कि करनी थी सूक्ष्म की यात्रा प्रत्यक्ष होके, पर प्रत्यक्ष को ही लक्ष्य समझने की अज्ञानता ने मुझे यात्रा से रोक लिया। क्या यह सही है?

प्रत्यक्ष का मतलब होता है प्रत्यक्ष में जीना। प्रत्यक्ष का मतलब होता है — जितना मैं कर रहा हूं, जितना बोल रहा हूं, मैं समझ रहा हूं। अगर मैं कहीं के लिए यात्रा कर रहा हूं, इसका मतलब मैं पूरी तरह समझ पा रहा हूं।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: 34 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-27