प्रश्नोत्तर P25-0098 · भाग 25
गुरु जी, जब शारीरिक संबंधों में या मोह में सुख मिले, तो उस समय हमें क्या करना चाहिए?
सुख मिले, मिलने दो। भोजन करते हो, स्वाद मिल रहा है, मिलने दो। महापुरुषों को भी भोजन दिया गया तो क्या उसमें स्वाद नहीं मिला उन्हें? लेकिन स्वाद की कामना नहीं की कि मुझे ऐसा ही भोजन चाहिए। मिले तो मिले, ना मिले तो ना मिले। मिला तो भी ठीक, नहीं मिला तो भी ठीक, क्योंकि मैं तो कर रहा हूं — परिणाम के लिए कुछ नहीं कर रहा हूं। परिणाम कुछ भी आए।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16