आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0145 · भाग 25

गुरु जी, बाप ने बेईमानी से कमा कर घर बनाया, तो उसमें शांति कैसे होगी — क्या ऐसा घर नेगेटिव एनर्जी देता है?

बच्चों में तो समझ नहीं है, बच्चे को पता भी नहीं है। बच्चे बड़े हो गए, उन्हें समझ हो गई, उसके बाद उन्होंने स्वीकार किया, उनका साथ दिया, तब वो भी भागीदार हैं। देखो, एक ही आदमी से एक को पॉजिटिव एनर्जी मिलती है, एक को नेगेटिव मिलती है, एक को कुछ नहीं मिलता, किसी को सात्विक एनर्जी मिलती है — आदमी तो एक ही है। तो क्या आदमी में पॉजिटिव-नेगेटिव एनर्जी है? नहीं; किस भाव से सामने वाला उसके पास गया है — जैसा जिसका भाव है वैसी एनर्जी है। देखा नहीं है क्या, उसी घर में बच्चे मस्ती से खा-पी रहे हैं, बढ़िया गाड़ी लेके घूम रहे हैं, और परेशान कौन है? बाप भोग रहा है। समझ आ जाए तो उससे निकल लेना चाहिए।

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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15