आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0155 · भाग 25

गुरु जी, दुष्कर्म का फल कभी तुरंत मिलता है, कभी बाद में। अगर हम किसी को दुख दे रहे हैं, सता रहे हैं या उसके साथ बेईमानी कर रहे हैं, तो क्या अपना कर्म तो बना ही रहे हैं, साथ में उसका पाप कर्म भी अपने सिर पर ले रहे हैं?

तुम्हें अपने कर्मों का परिणाम मिलेगा, उसे उसके कर्मों का परिणाम मिलेगा — सीधी सी बात है। ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं है, दो ही रास्ते हैं। एक ही रास्ता आपके पास है जीवन जीने का उचित तरीके से — ईमानदारी से कर्म अपना लो, ज्यादा खींचो मत, और सीधा निकल लो।

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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15