आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0156 · भाग 25

गुरु जी, मेरे को समझ में नहीं आता — सब पूछते रहते हैं आत्मज्ञान कैसे होता है, कैसे होता है। पर पहले तो आप जो तीन-चार पॉइंट देते हैं, उनको प्रैक्टिस करके देखना है ना?

इतना पक्का है, मैं कह रहा हूं — ईमानदारी, सत्कर्म, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग — तो होता ही होता है, समझ में भी आता है। दो ही रास्ते हैं आपको जीने के लिए — एक बेईमानी-दुष्कर्म, एक ईमानदारी-सत्कर्म। और कोई तीसरा रास्ता नहीं है। बेईमानी-दुष्कर्म में हो तो आप परेशान हो, ईमानदारी-सत्कर्म में हो तो आप आनंद में हो — इतनी सी बात है। हर रोज उठने के बाद इन तीन को पकड़ लो — ईमानदारी, सत्कर्म, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग — बस बात खत्म। धीरे-धीरे होगा।

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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15