प्रश्नोत्तर P25-0157 · भाग 25
गुरु जी, अगर कोई अपमान कर जाए तो क्या करना चाहिए? मन में यह आता है कि कोई अपमान करता है तो कोई लेन-देन हो रहा होगा, तो सह लें?
अपमान करना मत, सहना भी मत — क्योंकि जब अपमान करना गलत है तो अपमान सहना भी गलत है। धर्म यही कहता है — अपमान करूंगा नहीं, सहूंगा नहीं। उससे पूछिए — आप सिद्ध करिए मैंने अपमान वाला काम किया है; और नहीं किया तो क्यों अपमान कर रहे हो? क्योंकि मैं भी समाज का एक हिस्सा हूं, अपमान अपमान होता है, चाहे आपका हो चाहे मेरा, दुखी तो एक व्यक्ति रहेगा। आप बता दीजिए क्यों अपमान किया, तो मैं अपनी वो गलती नहीं करूंगा, नहीं तो आगे भी मेरा अपमान होता रहेगा। और अगर मैं सही हूं और मैंने आपको छोड़ दिया, तो आगे आप दूसरों का अपमान करोगे। तो हर तरीके से उसे रोकने का प्रयास करो। हम क्यों लोगों को जवाब देते हैं? इसलिए कि वो दूसरों से ऐसा ना करे। जवाब मांगने का सामर्थ्य नहीं है तो सामर्थ्यवान बनो, मेहनत करके पहुंचो। युद्ध के मैदान में कूद कर कह रहे हो कि मुझे तलवार चलाना नहीं आता — तो सामने वाला क्या करेगा? इसीलिए सामर्थ्यवान बनो, सीधी सी बात है।
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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15