प्रश्नोत्तर P25-0166 · भाग 25
गुरु जी, सुना है कि ज्यादातर लोगों का आत्मज्ञान का फल और शरीर छोड़ने का फल एक ही रहता है, बहुत कम लोग आत्मज्ञान के बाद शरीर को रख पाते हैं। तो जब मैं आत्मज्ञान की स्थिति में पहुंचूंगा, तो क्या उसके लिए कोई अलग विधान या क्रिया करनी पड़ेगी कि शरीर छूट ना जाए?
ये भ्रम आपने पैदा किए हैं — अपनी पैदावार कम कर दो भैया। आप अभी किस स्थिति में हो? आप उस स्थिति में जाओगे तो पता चलेगा, ऐसे कैसे भ्रम दूर होगा? पहले अपने आप को राग-द्वेष से छुड़ाओ। आत्मज्ञान की स्थिति की बात सीधा मत करो — उस स्थिति तक पहुंचा कैसे जाए, उसके लिए काम करो।
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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15