प्रश्नोत्तर P26-0039 · भाग 26
गुरुदेव, आत्मज्ञान और ब्रह्म ज्ञान (परम ज्ञान) अलग हैं? इनका अंतर स्पष्ट करें।
हां। आत्मज्ञान मतलब आपका खुद का ज्ञान — आत्मदर्शन, आत्मज्ञान, आत्म-साक्षात्कार — और उसके बाद ब्रह्म की यात्रा। खुद का ज्ञान, उसके बाद जहां से आप आए हो उससे मिलना — यह ब्रह्म ज्ञान है।
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