प्रश्नोत्तर P26-0068 · भाग 26
गुरु जी, चेतन और अचेतन मन की स्थिति के बारे में विस्तार से बताइए।
मन जब बाहरमुखी काम करता है तो उसे चेतन मन कहते हैं। जब बाहरमुखी वो नहीं पाता, तो अचेतन मन में अंदर जाता है — उसे अचेतन मन कहते हैं।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14