प्रश्नोत्तर P26-0083 · भाग 26
गुरु जी, संकोच क्या है? जैसे हम किसी से कोई बात कहना चाहते हैं पर कह नहीं पाते।
कमजोरी। आपकी कमजोरी की वजह से आप दबाव और संकोच में रहते हो। जब आप किसी चीज का संकोच करते हैं तो आप कहीं ना कहीं कमजोर हैं, इसलिए अपनी बात रख नहीं पा रहे — कहीं ना कहीं उसका दबाव है। सूर्य को सुबह आंख में आंख मिलाकर देख लेते हो; दोपहर 1 बजे देख पाते हो? क्यों? उसका ज्यादा हो गया, तो कमजोर आप हो गए। (सामने वाला नाराज हो जाएगा —) नाराज होकर क्या उखाड़ लेगा और खुश होकर क्या दे देगा? नाराज होगा तो आपका कुछ जाएगा, इसलिए तो डर है। उम्र का लिहाज है तो उम्र में वो आपसे बड़ा हुआ, मजबूत हुआ — तुम कहीं से कमजोर हो, इसलिए नहीं कह पा रहे।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14