प्रश्नोत्तर P26-0111 · भाग 26
गुरु जी, आत्मा अलग और कर्ता कोई और — यह कैसे है?
जैसे मुंह के अंदर है तो लार है, और बाहर आ गया तो थूक। पानी नॉर्मल जगह है तो पानी है, फ्रिज में गया तो बर्फ हो गया। ऐसे ही जब आप अपने आप को कर्ता समझ लेते हैं, तो आत्मा जीवात्मा हो गई; और कर्ता से मुक्त हो गए तो आत्मा में स्थिर हो गए। बस इतनी सी बात है।
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वीडियो: अपनों की कुटिया में रहने के नियम साधक के लिए सबसे जरूरी बात क्या है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-31