प्रश्नोत्तर P26-0137 · भाग 26
गुरु जी, हमारे पास ईश्वर की दो अमूल्य निधि हैं — शरीर और मन, और ये दोनों ऊर्जा से संचालित हैं। इन तीनों का जीवन में समन्वय कैसे करें?
बस ईमानदारी और सत्कर्म अपना लो, अपने आप हो जाएगा। आपको कुछ नहीं करना है — आप समझ के बस ईमानदारी से सत्कर्म करो।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14