प्रश्नोत्तर P26-0154 · भाग 26
स्वामी जी, पुराणों को भी शब्द प्रमाण माना गया है और जीवंत गुरु भी प्रामाणिक है; परंतु विरोधाभास होने पर क्या गुरु ही सही माना जाएगा?
जीवंत है ना वो — प्रत्यक्ष बोल रहा है। और जो किताबों से बोला जा रहा है, वो प्रत्यक्ष नहीं है। जीवंत गुरु प्रत्यक्ष बोल रहा है, बात भी समझ में आ रही है, उसका तर्क भी समझ में आ रहा है। जब उसने सिद्ध कर दिया, प्रत्यक्ष हो गया, तब आप कैसे नहीं मानोगे? मानना ही पड़ेगा।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14