आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0182 · भाग 26

गुरु जी, "किसी विचार से राग और द्वेष मत रखो" — यह कहने का मतलब क्या है?

राग-द्वेष से आप तभी मुक्त हो पाएंगे जब आप अपने तरीके का त्याग करेंगे — तो ना राग बनेगा, ना द्वेष बनेगा। जब योग्यता से ज्यादा नहीं चाहिए, तो राग-द्वेष नहीं बनेगा, बस बात खत्म। और जब तक चाहिए, रोक भी नहीं पाओगे।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: विचार कहां से आते हैं क्या हम विचारों को कंट्रोल कर सकते हैं #योगीजी_का_सत्संग #विचार #कंट्रोल · 2024-09-05