आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0184 · भाग 26

गुरु जी, जगत में हम हैं या हम ही में जगत है? मन, शरीर, बुद्धि, इंद्रियां, विषय के माध्यम से जगत बन बैठा है। जैसे स्वप्न में हम खाते-पीते, डरते, बातचीत करते हैं और नींद खुलती है — हो सकता है हम भी कहीं सो रहे हों?

स्वप्न से जब तक नहीं जागेंगे, तब तक तो स्वप्न सच ही है — तब तक सच ही लगता है। जब जागेंगे, तब पता चलेगा कि सच था कि झूठ। अभी तो जो हम कर रहे हैं, ये सच है। अभी हम ना सच में हैं ना झूठ में — दोनों में फंसे हुए हैं। सत तक पहुंच जाओ, पता चल जाएगा कि सत्य क्या है, झूठ क्या है।

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वीडियो: विचार कहां से आते हैं क्या हम विचारों को कंट्रोल कर सकते हैं #योगीजी_का_सत्संग #विचार #कंट्रोल · 2024-09-05