प्रश्नोत्तर P25-0015 · भाग 25
गुरु जी, क्या गुरु को सरल होना चाहिए?
सरलता का मतलब आप लोग क्या समझते हो? सरलता का मतलब होता है — अगर कोई आपके लिए काम कर रहा है, आपके हित के लिए आपको डांट रहा है, डपट रहा है, फिर भी वह सरल है, अगर उसे आपसे कुछ नहीं चाहिए। उसकी कोई कामना, कोई इच्छा आपसे नहीं है; बस एक ही इच्छा है कि आपका सुधार हो जाए, आप उस परम तत्व को उपलब्ध हो जाओ, मूल तक पहुंच जाओ — वही व्यक्ति सरल है, वही सहज है, वही प्रेममय में जी रहा है। समाज के अनुसार तो मीठा-मीठा बोलने वाले को सरल बोलते हैं। नहीं — जो आपके लिए काम कर रहा है और उसे कुछ नहीं चाहिए, वही तो संत है। संत की परिभाषा यही है: जिसमें हित करने का भाव हो, जिसमें उस परम सत्ता से मिलाने का भाव हो, जिसके पास मार्ग हो, और जो इसके लिए आपको डांट रहा है, डपट रहा है कि कैसे आप अपने मूल तत्व तक, उस परम आनंद तक पहुंच जाओ।
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