आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0114 · भाग 25

गुरु जी, खराब कर्म करेंगे तो ध्यान लगेगा ही नहीं ना? बेईमानी में ध्यान नहीं लगता?

कैसे नहीं लगेगा? कुछ भी तुक्का मत मारो। यही मैं कहता हूं — कुछ भी मत बोलो। मैं तो कह रहा हूं, अपना जितना एकत्रित किया है, हटाओ; प्रत्यक्ष ज्ञान समझो। आप चाहो ईमानदारी करो, चाहे बेईमानी करो, ध्यान तो लग ही गया। बेईमानी में तो और ज्यादा ध्यान लगता है — एकदम और सचेत रहना पड़ता है। ईमानदारी से ज्यादा बेईमानी में ध्यान एकाग्र करना पड़ता है कि कहीं पकड़ा न जाऊं। ध्यान करने के लिए आधार-बेस चाहिए, तो आप कहीं ना कहीं तो लिप्त हो। इसलिए ध्यान से भी मुक्ति चाहिए, तभी आप स्व में स्थिर हो पाएंगे।

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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27