आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0118 · भाग 25

गुरु जी, अगर मेरी आंखें थकी हैं और मैं हरे पत्ते देख रही हूं, तो रिलैक्स तो आंखों को भी मिल रहा है — तो आंखों को भी बेनिफिट है ना?

आंखों को क्या मिल रहा है? आंखें तो सिर्फ निमित्त हैं। कोई ज्यादा स्क्रीन पे काम कर लेगा तो थकान हो जाएगी — वो तो शरीर का आपने उपयोग किया, वो थक गई। उसे अच्छे या बुरे दृश्य से कोई मतलब नहीं है। ये तो शरीर थक गया है काम करके। जो रस है, वो अल्टीमेट जीवात्मा ले रही है। जीवात्मा रस में फंसी है, स्वाद में फंसी है। और जब तक स्वाद में है, तब तक वो जीवात्मा है। जिस दिन स्वाद की इच्छा छूटी, जीव का नाश हो जाएगा, फिर आत्मा बचेगी। मान का भी बहुत स्वाद है — बताओ मान से क्या लाभ है? दिखावे से कोई लाभ है? बड़ा बनने से कोई लाभ है? पोषण तो नहीं हो रहा ना; हम गिर रहे हैं। तो हमें स्वाद से निकलना पड़ेगा।

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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27