आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0119 · भाग 25

गुरु जी, तो खाते वक्त क्या ध्यान दें — स्वाद आ रहा है कि नहीं आ रहा?

आए ना, लेकिन हमें स्वाद के लिए व्याकुल नहीं होना है, हमें शरीर के पोषण का ध्यान देना है। स्वाद आ रहा है तो आने दो। आप अच्छे से अच्छा बना के खाओ, 56 प्रकार का खाओ, लेकिन वो भोजन ईमानदारी का हो और किसी को बिना सताए। स्वाद के लिए लड़ाई मत करो। शरीर को नहीं भाए तो मत खाओ, लेकिन अपने शरीर की जरूरत देखो। अगर लग रहा है कि ये नहीं, यही चाहिए, तो इसका मतलब आप गिर जाओगे। हमें शरीर की जरूरत देखनी है, स्वाद नहीं। स्वाद मिले तो मिले — स्वाद अपने आप मिलता है, लेकिन आप अपने तरीके से पाना चाहते हो, उसमें फंस जाते हो। अगर स्वाद को ही प्राथमिकता दी कि स्वाद आना चाहिए तभी खाऊं, तो वो गड़बड़ है, वो अटकाव है।

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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27