आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0133 · भाग 25

गुरु जी, मेरे बच्चे हैं — लड़का 14 साल का और लड़की 12 साल की। मैं अपनी धर्मपत्नी को बोल रहा हूं कि इनको या तो (गुरुकुल जैसी) पुरानी पढ़ाई पढ़ाएं, या घर पे रखकर आज वाली पढ़ाई पढ़ाएं — पर ये आज वाली पढ़ाई तो दानव ही बनाती है?

जरूरी नहीं है कि ये वाली पढ़ाई दानव बनाएगी। आप इस पढ़ाई के साथ संस्कार भी दे सकते हो। पहले गुरुकुल था तो क्या राक्षस नहीं थे? गुरुकुल में पढ़कर लोग राक्षस नहीं हुए हैं क्या? हुए हैं ना — कृष्ण भगवान के साथ विद्या लेने वाले बहुत शिष्य राक्षस हो गए थे। तो यह नहीं कह सकते। आप संस्कार दीजिए और जैसी समाज की व्यवस्था है उसमें पढ़ाइए। समाज की मांग क्या है, अभी की व्यवस्था क्या है — आधुनिक युग है, तो उसको क्या जरूरत है वो देखो। समाज के हिसाब से चलना पड़ेगा, देश-काल-स्थिति-परिस्थिति के हिसाब से चलना पड़ेगा। देखो वो क्या करना चाहता है, उसका साथ दो। उसे उचित-अनुचित समझाओ, संस्कार दो — जरूरतमंद की सेवा, अच्छे से बातचीत करना, उठना-बैठना, बड़ों-छोटों के साथ कैसे बात की जाती है, ये सिखाओ। पहला तो संस्कार दीजिए।

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