आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P25-0139 · भाग 25

गुरु जी, समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है, पहले क्यों नहीं? अक्सर देखा है कि आदमी 40-50 पार करता है तब समझता है कि मैंने क्या कर दिया।

समझ उससे पहले भी थी, लेकिन रसपान के चक्कर में वो उस समझ को हटा के रखता था — बड़ा बनने के चक्कर में, मान के चक्कर में, प्रतिष्ठा के चक्कर में, यश-समृद्धि के चक्कर में, नाम-शोहरत-पैसे के चक्कर में। और जब 50-60 साल बाद उसकी इंद्रियां कमजोर हो गईं, जिस बल के द्वारा वो बलवान बन रहा था वो कमजोर हो गया — समय तो गया, तब समझ आ गई। समझ पहले भी थी, लेकिन अब आत्मिक कल्याण करना चाह रहा है तो अब हो नहीं रहा। एक बात को बहुत गहराई से समझिए — समझ है तभी बेईमानी-दुष्कर्म कर रहा है, नहीं तो कर ही नहीं पाता। आपने कभी मंदबुद्धि, अबोध, पागल को बेईमानी-दुष्कर्म करते देखा है? नहीं, क्योंकि उनके पास अच्छे-बुरे की समझ नहीं है।

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वीडियो: समय बीत जाने के बाद समझ क्यों आती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-15