प्रश्नोत्तर P26-0025 · भाग 26
अगर गुरु मात्र सहारा है, तो यदि शिष्य गुरु की बातों को बिना तर्क के स्वीकार करता है, तो क्या वह अहंकार का नाश कर रहा है या केवल अपने विवेक को गुरु के हवाले कर रहा है?
तर्क ठीक है, कुतर्क नहीं। अगर आपके प्रश्न के उत्तर प्रत्यक्ष मिल गए तो तर्क की जरूरत ही नहीं। गुरु के सामने आप तर्क कर ही नहीं सकते।
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