प्रश्नोत्तर P26-0030 · भाग 26
सद्गुरु, जब तक आत्मा परमात्मा की तरफ नहीं चलती तब तक द्वैत है। तो द्वैत में एक मैं और एक आत्मा — यह है या कुछ और? कृपया बताएं।
आत्मा ही जीवात्मा है, कोई अलग नहीं है। इच्छा-अपेक्षा में जीवात्मा बन गया।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14