आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0031 · भाग 26

गुरु जी, भावातीत को कैसे समझा जाए?

समझना है या अनुभव करना है? देखिए, कर्म करने में आपका क्या भाव होता है। कर्म के पहले और कर्म के बाद एक भाव बनता है, उससे फल का निर्णय होता है। इसलिए अपने आप को शुद्ध करिए ईमानदारी और सत्कर्म के द्वारा।

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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14