प्रश्नोत्तर P26-0056 · भाग 26
गुरु जी, अगर मैं कम भोजन लूंगा तो मेरा मन तो भोजन में लगा रहेगा, तो चिंतन भोजन का होगा। कृपया मार्गदर्शन करें।
देखो, मान लीजिए एक व्यक्ति सुबह का खाकर निकला, शाम को उसे बहुत भूख लगी है, लेकिन उसका लड़का — या जिसके प्रति उसका प्रेम था — बीमार हो गया, एडमिट हो गया। क्या आपको लगता है कि वह शाम का भोजन करेगा? उसकी भूख गई, वह उसे ठीक करने में लग जाएगा। तो अगर आपका मन भोजन में लग गया, तो इसका मतलब आपके पास वह काम बहुत जरूरी नहीं है। क्योंकि अगर सबसे जरूरी काम होगा तो भूख वगैरह सब अपने आप कम हो जाती है, आप ज्यादा भोजन कर ही नहीं सकते। तो बात यह है कि कौन सा कार्य आपके लिए कितना जरूरी है। यह जब आप समझ पाएंगे, तभी आप कर पाएंगे।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: 36 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-29