प्रश्नोत्तर P26-0074 · भाग 26
गुरु जी, कई बार किसी काम में नुकसान हो रहा होता है, फिर हम ज्योतिष के पास चले जाते हैं और वह कहता है कि छह महीना-साल भर चुपचाप रहो, कोई नया काम मत करो। क्या ज्योतिष की बात सही है?
कोई ज्योतिष बोल दे कि छह महीने ब्रह्मचर्य रख लो, तो रख लोगे? वो बात क्यों नहीं मान रहे हो? जब आपके मतलब की कोई बात करता है तो आप मान लेते हो, और जैसे ही आपको मेहनत करनी है, तो कहते हो यह ठीक नहीं है, यह आदमी ठीक नहीं है। जब बेईमानी करते हो तब मुहूर्त निकालने नहीं जाते, ईमानदारी में मुहूर्त निकालते हो। अशुभ काम के लिए मुहूर्त क्यों नहीं निकालते? और देखो, अशुभ काम आपका हो भी जाता है, शुभ में इधर-उधर हो जाता है — क्योंकि अशुभ काम आप पूरी ताकत से किए हो और शुभ काम में आपको संशय था। अगर आपका बुरा समय चल रहा है, तो उसमें तो आपको समझदारी से और मेहनत करने की जरूरत है, चुप बैठने की नहीं। अगर घर में आग लग गई तो वहां बुझाना जरूरी है कि मुहूर्त पूछना? सारा खेल आप खेलते हो और कहते हो मैंने तो कुछ किया ही नहीं, मैं तो एकदम भोला हूं। जिस भोलेपन से, जिस भलेपन से आप गिर रहे हो, ऐसा ना भला करो, ना ऐसा भोला बनो। आत्मिक और बाहरी दोनों स्तर उठने चाहिए, तभी आप समाज में कुछ कर सकते हो। सत्कर्म करने के लिए धन भी चाहिए, तन भी चाहिए, ज्ञान भी चाहिए।
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वीडियो: अपनों की कुटिया में रहने के नियम साधक के लिए सबसे जरूरी बात क्या है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-31