प्रश्नोत्तर P26-0085 · भाग 26
गुरु जी, राग-द्वेष की प्रतिक्रिया हम जानते हुए भी करते हैं, उसे कैसे छोड़ें?
बस योग्यता से ज्यादा पाने की उम्मीद का त्याग कर दो, राग-द्वेष बनेगा ही नहीं। छोड़ने की भी बात नहीं आएगी — बात ही खत्म करो।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14