आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0086 · भाग 26

गुरु जी, कभी हम हर तरह से सामने वाले से मजबूत होते हैं, फिर भी बात इसलिए नहीं रखते कि वह अशब्दों में जवाब दे देगा, या उम्र में बड़ा है तो उसकी मर्यादा का लिहाज करते हैं। तो क्या यह भी कमजोरी कहलाएगी?

हां, कमजोरी है ना, कहीं ना कहीं। वह गलत शब्दों की वजह से मजबूत है; तुम सज्जन होने की वजह से कमजोर हो। कहीं ना कहीं वह और शब्द बोल देगा, हम सुन नहीं पाएंगे, अच्छा नहीं लगेगा — इसलिए अपनी बात नहीं रख पाते। इस समय उसकी जो कमजोरी आपको दिख रही है, वही उसकी मजबूती बन गई और तुम्हारी कमजोरी बन गई। नहीं तो आप आराम से अपनी बात रख देते।

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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14