प्रश्नोत्तर P26-0152 · भाग 26
गुरुदेव, जैसे ये लोग आपके पास सत्संग में आ रहे हैं, तो क्या इनके कर्म नहीं बन रहे हैं? क्या यह गुरु का आकर्षण है, आने की तीव्र इच्छा क्यों होती है?
समझ बढ़ रही है ना आपकी — आपको समझने के लिए कुछ मिल रहा है, जो आप खोज रहे थे वह आपको मिल रहा है। इसलिए व्यक्ति वहीं जाता है जहां उसे उसकी खोज मिलती है। शब्दों के पीछे कुछ समझ में आ रहा है, इसलिए उससे प्रेम हो रहा है। बालक घर में उसी की गोद में कूदेगा जिससे कुछ मिलता होगा — जो चॉकलेट लाता होगा; जिस दिन नहीं लाओगे, वो रूठ जाएगा। हर जीव वहीं जाता है जहां उसे कुछ मिलता है, या मिलने का आश्वासन होता है; नहीं तो नहीं जाएगा।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14