प्रश्नोत्तर P26-0165 · भाग 26
गुरु जी, प्रश्नों का अंत तो नहीं हो सकता — अभी तक जितने प्रश्न हुए, ऐसे ही होते जा रहे हैं?
क्यों नहीं हो सकता? प्रश्नों का अंत होगा तभी आप बचोगे; उसके बाद ही तो ज्ञान होगा। जब तक प्रश्न है, तब तक ज्ञान थोड़ी ना होगा। प्रश्न का अंत आपको करना है — जो प्रश्न आप लाए हो, उसे उत्तर के द्वारा निकालना है। रोज-रोज वही भोजन करते हो, शरीर को ऊर्जा मिलती है; जैसे भूख लगी, खाना खा लिया — वैसे ही ये सिस्टम चल रहा है।
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वीडियो: सत्संग में बैठते समय अपने शरीर को कैसे नियंत्रित करें ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14