आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0030 · भाग 27

गुरु जी, मां के गर्भ से यह मनुष्य शरीर मिलता है, उसके बाद आत्मा प्रकट होती है — कृपया समझाइए।

शरीर पिता के शरीर से निकलता है, मां पालती है। आपने ध्यान दिया है कि सिम कार्ड में नंबर तभी आता है जब उस पर एक आईडी लगी हो? आईडी ना लगी हो तो नंबर नहीं आएगा; यह एक सिस्टम की व्यवस्था है। नंबर पहले से मौजूद है, लेकिन चालू तभी होता है जब आईडी लगी हो। तो आत्मा नहीं, जीवात्मा आती है — शरीर में आने के लिए उसे भी वह आईडी देनी पड़ती है। मतलब आप किसी काम से ही यहां आए; पहले काम था, फिर बाद में शरीर मिला, और इस शरीर के द्वारा आपको वह काम करना है। लेकिन आए तो मान के चक्कर में आकर और कुछ करने लगे — यही गलती हो रही है। बेईमानी, छल, कपट, चोरी, पाखंड, मान की इच्छा, बड़ा-छोटा बनने की इच्छा, दिखावे की इच्छा, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा — ये सब भटकाव है, क्योंकि ये हमारा स्वभाव नहीं है; इसे हमने धारण किया है।

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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14